pimpri crime

    पिंपरी. स्पोर्ट्स बाइक (Sports Bike) और महंगे कपड़ों (Expensive Clothes) का शौक पूरा करने के लिए सेंधमारी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो सगे भाइयों को पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस (Pimpri-Chinchwad Police) की क्राइम ब्रांच यूनिट-4  (Crime Branch Unit-4) ने धरदबोचा है। ये दोनों अवैध हाथभट्टी शराब की भट्टी भी चलाते थे, ऐसा सामने आया है। उनसे 48 मामले उजागर करते हुए 18 लाख 30 हजार रुपए का माल बरामद किया गया है। इन दोनों भाइयों से चोरी के जेवरात (Jewellery) खरीदनेवाले एक सर्राफा व्यापारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    साहील रमेश नानावत उर्फ अल्लू अर्जुन (25), देवदास उर्फ दास रमेश नानावत (23) और सर्राफा व्यापारी योगेश नुर सिंह (34) ऐसे गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं। उनके साथ सुरदेव नानावत , ध्यान केसरिया राजपुत , अजय सरजा नानावत, राम बिरावत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल ये सभी फरार हैं, पुलिस उनकी खोजबीन में जुटी हुई है। 

    सीसीटीवी से मिली मदद

    पुलिस कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि शहर में बढ़ती सेंधमारी की घटनाओं को लेकर क्राइम ब्रांच युनिट को आरोपियों की तलाश में लगाया गया था। यूनिट-4 के सहायक पुलिस निरिक्षक अमरीश देशमुख और पुलिस अमलदार प्रशांत सईद पिछले 8 महिनों के भीतर घटी सेंधमारी की घटनाओं का अध्ययन करके सीसीटीवी फूटेज खंगालने में जुटे थे। इसमें उन्हें एक 6 सदस्यीय गैंग सेंधमारी की वारदात में सक्रिय रहने की बात पता चली। इन आरोपियों को ग्रामीण क्षेत्र और पौड की सीमा से धरदबोचा।

     रिश्तेदार के घर में छिपे थे

    असल में हिंजवडी पुलिस थाने में दर्ज सेंधमारी के एक मामले की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच युनिट-4 ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर साहिल और दास की पहचान की। दोनों आरोपी अपने रिश्तेदार के घर छुपे होने की जानकारी मिली। पुलिस ने साहिल और देवदास को गिरफ्तार किया। दोनों सगे भाईयों से पुलिस ने कड़ी पूछताछ में 48 सेंधमारी की घटनाओं को उजागर किया। दोनों भाई अपने साथियों के साथ दिन में कच्ची शराब बनाकर शहर में बेचते थे। इसके साथ ही बंद घरों और दुकानों की रेकी कर रात में सेंधमारी की वारदात को अंजाम देते थे। यह गिरोह पुणे और पिंपरी-चिंचवड और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय था।

    18 लाख का माल बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों से 220 ग्राम सोने के जेवर, 2 मोटरसाइकिल, गैस सिलेंडर, कटर, होम थिएटर, बैटरी, कूलर, मोबाइल फोन कुल 18 लाख 30 हजार रुपए का माल बरामद किया। जिस सोनार को चोरी के गहने बेचते थे उसे भी हिरासत में लिया गया। चोरी का माल बेचकर मिले पैसों से महंगे कपडे लेना और स्पोर्टस बाइक खरीदने के शौकिन थे। इस शौक को पूरा करने के लिए चोरियां किया करते थे। इस कार्रवाई को क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक प्रसाद गोकुले, सहायक निरिक्षक अमरिष देशमुख, सिद्धनाथ बाबर, धर्मराज आवटे, दादा पवार, नारायण जाधव, प्रविण दले, संजय गवारे, आदिनाथ मिसाल, रोहीदास अडे, तुषार शेटे, संतोष असावले, गौस नदाफ, वासूदेव मुंडे, सुनिल गुट्टे, सुरेश जयभाई, प्रशांत सईद, तुषार काले, धनाजी शिंदे, गोविंद चव्हाण,आदित्या ओंबासे, सुखदेव गवांडे, वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक संजय तुंगार, सहायक पुलिस निरिक्षक सागर पानमंद, राजेंद्र शेटे, नागेश माली, विकास आवटे, पोपट हुलगे की टीम ने अंजाम दिया।