मतदाता सूची से कटा राष्ट्रवादी के वरिष्ठ नगरसेवक डब्बू आसवानी का नाम, 8 दिन पहले तक दर्ज था सूची में नाम ; सियासी साजिश का अंदेशा

    पिंपरी : दो माह की दूरी पर पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका (Pimpri Chinchwad Municipal Corporation) के आम चुनाव होने जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार नव मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिहाज से विशेष मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसकी मियाद मंगलवार को खत्म हो गई। इस बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ऐन चुनाव से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नगरसेवक और भूतपूर्व उपमहापौर एवं स्थायी समिति सभापति हीरानन्द उर्फ डब्बू आसवानी का नाम मतदाता सूची से कट गया है। इससे पिंपरी चिंचवड़ शहर के सियासी गलियारों में खलबली मच गई है।

    डब्बू आसवानी पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका में राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नगरसेवक हैं। वे लगातार तीन बार नगरसेवक चुने गए हैं और 15 साल से पिंपरी कैंप के प्रभाग नंबर 21 का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने महानगरपालिका में उपमहापौर और स्थाई समिति सभापति पद की जिम्मेदारी भी निभाई है। इतने वरिष्ठ जनप्रतिनिधि का ही मतदाता सूची से नाम कट जाने पर अचरज जताया जा रहा है। इस बारे में उन्होंने enavabharat.com से की गई बातचीत में बताया कि, आठ दिन से उनका नाम मतदाता सूची में शामिल था। आज यूंही सूची चेक करने के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से नदारद पाया गया। उन्होंने महानगरपालिका चुनाव विभाग और जिलाधिकारी कार्यालय से फोन मिलाकर सत्यता जांची तो सचमुच उनका नाम कटा हुआ पाया गया।

    कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है

    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी महानगरपालिका चुनावों के लिए 1 नवंबर से 30 नवंबर, तक एक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (समीक्षा) कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें 1 जनवरी, 2022 को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति को अपना नाम पंजीकरण करने की अपील की गई थी। इसके लिए 1 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट https://ceo.maharashtra.gov.in/ के साथ – साथ सभी मतदाता पंजीकरण कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई थी। आज नए नाम पंजीकरण की आखिरी मियाद थी। इसी दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नगरसेवक डब्बू आसवानी का नाम मतदाता सूची से कट जाने की चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी है। इस बारे में आसवानी ने महानगरपालिका प्रशासन को खत लिखकर शिकायत की है। उन्होंने इसमें सियासी साजिश का अंदेशा जताया है। साथ ही इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।