Cancer
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यवतमाल: कैंसर एक घातक बीमारी है. इससे लड़ने और कैंसर का जल्द पता लगाने के उद्देश्य से जागरूकता फैलाने के लिए दुनिया में हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है. जिले में भी कैंसर के मरीज पाए जा रहे हैं. जिले में 30 साल से अधिक महिला पुरुषों की स्क्रीनिंग की जा रही है. अब तक 8 लाख 49 हजार 906 मरीजों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है.

जिले में 471 मरीज कैंसर से पीड़ित हैं. कैंसर बीमारियों का एक बड़ा समूह है जिसमें असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं और अपनी सामान्य सीमा को पार कर शरीर के आस-पास के हिस्सों पर आक्रमण करती हैं या अन्य अंगों में फैल जाती हैं. यह शरीर के किसी भी अंग या ऊतक में शुरू हो सकता है. रोग के अंतिम चरण को मेटास्टेसाइज़िंग कहा जाता है और यह कैंसर से मृत्यु का एक प्रमुख कारण है. कैंसर के अन्य सामान्य नाम नियोप्लाज्म और घातक ट्यूमर हैं. पुरुषों में फेफड़े, प्रोस्टेट, कोलोरेक्टल, पेट और लीवर के कैंसर सबसे आम हैं, जबकि महिलाओं में स्तन, कोलोरेक्टल, फेफड़े, गर्भाशय ग्रीवा और थायरॉयड कैंसर सबसे आम हैं.

जिले में स्तन कैंसर के 203 मरीज हैं. इनका उपचार सावंगी मेघे सहित निजी अस्पतालों में किया जा रहा है. वहीं सर्वाइकल कैंसर के 92 मरीज पाए गए हैं. यह दोनों कैंसर ज्यादातर महिलाओं में पाया जाता है. इसी तरह मुख कैंसर के 175 मरीज हैं जिनका उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है. महात्मा फुले जनस्वास्थ्य योजना के तहत कैंसर पीडित मरीजों का नि:शुल्क उपचार भी किया जाता है. तंबाकू, सिगरेट, गुटखा या खैनी खाने से मुंह का कैंसर हो सकता है. शुरुआती लक्षण पता चलने पर मुंह के कैंसर का इलाज किया जा सकता है. लेकिन आपको इसके शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए. अगर आपके मुंह में छाले हैं तो आपको 2-3 हफ्ते में डॉक्टर को दिखाना चाहिए. अन्यथा यह कभी भी कैंसर का रूप ले सकता है.

स्तन कैंसर के कारण

स्तन कैंसर कारणों में देरी से विवाह, खानपान में बदलाव, दुग्ध ग्रंथियों में गांठ के अलावा अनुवांशिक कारण हैं. सर्वाइकल कैंसर के कारणों में कम उम्र में विवाह, कम उम्र में ही ज्यादा संतानें पैदा करने के साथ ही एचपीवी वायरस का संक्रमण बढ़ने से होता है. जबकि मुख कैंसर के लक्षण तम्बाकूजन्य पदार्थों के सेवन करने से होता है.

तम्बाकू सेवन करने वाले बरतें सावधानी

तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वाले व्यक्ति को महीने में एक बार अपने मुंह की जांच करानी चाहिए. यदि तंबाकू रखने वाले स्थान पर लाल या सफेद दाग हो, मुंह खोलने में दिक्कत हो या कोई घाव हो जो 15 दिन से अधिक समय से ठीक न हुआ हो तो जिला सामान्य अस्पताल के जिला सर्जन को संपर्क करना चाहिए. नजदीकी सरकारी अस्पताल में डेंटल सर्जन या चिकित्सा अधिकारी द्वारा जांच की जाती है. जिले भर के सरकारी अस्पतालों के माध्यम से कैंसर के बारे में लगातार जन जागरूकता पैदा की जा रही है, स्क्रीनिंग अभियान, जन जागरूकता और कैंसर को नियंत्रित करने के उपायों पर जोर दिया जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों से अब तक लगभग 8 लाख 49 हजार 906 नागरिकों की जांच की गई.

डॉ. सुखदेव राठौड़, जिला शल्यचिकित्सक, यवतमाल.