RJD leaders strongly criticized the statement of the Food and Supplies Minister in the Congress and RJD over the rhetoric in Jharkhand

    – ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची : झारखंड सरकार (Jharkhand Government) में खाद्य और आपूर्ति मंत्री, डॉक्टर रामेश्वर उरांव के बयान, “राजद बिहार की पार्टी है और झारखंड में इस पार्टी का कोई जनाधार नहीं है”। पर राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए दिए गए बयान की सख्त आलोचना की है।  राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह ने एक संवाददाता सम्मलेन आयोजित कर झारखंड प्रदेश की महागठबंधन सरकार के खाद्य आपूर्ति  मंत्री  डॉक्टर रामेश्वर उरांव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गठबंधन धर्म का पालन करते हुए माननीय मंत्री को बयान देना चाहिए अपनी मर्यादा में रहकर ही कुछ बोलना चाहिए। ऐसी ओछी बयान उनके जैसे वरिष्ठ मंत्री के मुख से शोभा नहीं देता है। 

    मनिका में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉक्टर उरांव के दिए गए एक अन्य बयान “राजद के सैकड़ों लोग कांग्रेस में शामिल हुए” को बेबुनियाद और सत्य से परे बताते हुए राजद प्रदेश अध्यक्ष  अभय सिंह ने कहा कि मनिका में मिलन समारोह में मंत्री  रामेश्वर उरांव ने राजद के सैकड़ों लोग के कांग्रेस में शामिल होने की जो बात कही है वो बात  बिल्कुल बेबुनियाद बात है।  राजद के एक भी कार्यकर्ता किसी भी पार्टी में नहीं गए हैं और झारखंड प्रदेश में राजद का जनाधार अभी हाल ही में रांची में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के कार्यक्रम में ऐतिहासिक भीड़ ने साबित कर दिया है कि राजद की झारखंड में क्या जनाधार है ।  रामेश्वर उरांव के चुनाव में जीत पर कटाक्ष करते हुए अभय सिंह ने कहा कि महागठबंधन के सहयोग से डॉक्टर उरांव  चुनाव जीत सके  अकेले लड़ने से उनको राजनीतिक हैसियत का पता चल जाता। 

    उरांव ने  बयान देकर मर्यादा का उलंघन किया है

    इधर डॉक्टर उरांव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता स्मिता लकड़ा ने कहा कि जब गठबंधन में चुनाव लड़ा जाता है तो जितने भी राजनैतिक दल जो गठबंधन में शामिल है चाहे वो कार्यकर्ता हो नेता हो या पदाधिकारी हो सभी को मर्यादा में रहकर अपने दायरे में रहकर बात करनी चाहिए। पर  मर्यादा का जितना सीधा उलंघन रामेश्वर उरांव ने अपने बयान में किया है वो निंदनीय है।  उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल को बिहार की पार्टी कहने की गलती की है साथ ही राजद को एक छोटा घटक दल बताया है।  रामेश्वर उरांव ने यह बयान देकर अपनी खुद की मर्यादा का उलंघन किया है। 

    स्मिता ने कहा कि रामेश्वर उरांव को यह स्मरण रहना चाहिए कि चुनाव महागठबंधन के तहत लड़ा गया था जिसमें कांग्रेस और राजद एक दुसरे के खिलाफ खड़े थे ही नहीं  तो उन्होंने यह कैसे तय कर लिया कि कौन सी पार्टी छोटी है या बड़ी।  उन्होंने कहा कि डॉक्टर उरांव को यह भी याद होना चाहिए कि महागठबंधन का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि साम्प्रदायिक शक्तियों को उखाड़कर फेंका जा सके और जिसमें महागठबंधन पूर्ण रूप से सफल रही।  

    इस तरह की बयान बाजी से बचना चाहिए

    स्मिता ने कहा कि यह बिलकुल जायज है जब  डॉक्टर उरांव अपनी पार्टी मजबूती या विस्तार की बात करते है पर साथ में अपने एक सहयोगी दल को कमजोर या छोटी पार्टी कहना बहुत ही गैर जिम्मेदार बयान है और उन्हें इस तरह की बयान बाजी से बचना चाहिए। इसके पूर्व, प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह ने तेजस्वी यादव को आने वाले दिनों का एक सफल नेता बताते हुए कहा कि  देश के युवा नेता, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सह प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव की सक्रियता से सभी दलों में स्वभाविक बेचैनी है। यही कारण है कि रामेश्वर उरांव सरीके नेता भी अनाब शनाब बयान देने लगे है।   

    राजद के खिलाफ दिए गए रामेश्वर उरांव के बयान में अपनी प्रतिक्रया देने हे आयोजित सम्मलेन में  झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अभय कुमार सिंह के अलावा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव, श्यामदास सिंह, युवा अध्यक्ष रंजन यादव, प्रदेश प्रवक्ता स्मिता लकड़ा, प्रदेश प्रवक्ता मनोज कुमार, वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र प्रसाद, महासचिव कमलेश यादव, राजेश रौशन, और  सोशल मीडिया प्रभारी अंजल किशोर सिंह शामिल थे।