अजीबोगरीब: 4 पैरों वाले जानवरों जैसे चलता है ये ‘परिवार’, वैज्ञानिक भी है हैरान

    नई दिल्ली: कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती है, जिस पर विश्वास करना बेहद मुश्किल हो जाता है। जी हां आज हम एक ऐसी खबर आपको बताने जा रहे है, जो आपने इसके पहले कभी भी ना सुनी होगी और इस खबर को सुनते ही आप दंग रह जाएंगे। जहां तक चार पैरो पर चलने की हम बात करें तो वे बस जानवर ही होते है, जो चार पैरो पर चलते है। 

    एक जानवर ही होते है जो चार पैरों पर चलते है, इसके अलावा बच्चे जब रेंगते है तो दोनों हाथ और पैरो के सहारे रेंगते है। लेकिन जब बड़े होते है तो वे भी अपने दो पैरों के सहारे से ही चलते है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे परिवार से मिलाने वाले है जो दो पैरों पर नहीं बल्कि 4 पैरों वाले जानवर की तरह चलते है (Humans Walking Using Hands and Legs), इस अनोखे परिवार को देख वैज्ञानिक भी हैरत में पड गए है। आइए जानते है पूरी खबर क्या है….  

    अनोखा परिवार

    दरअसल ये अनोखा परिवार तुर्की (Turkish Family Walks Using Hands and Legs) के एक छोटे से गांव में (Weird Turkish Family) रहता है। इस परिवार के लोग अपने दो पैरों पर नहीं बल्कि चलने के लिए हाथ और पैर दोनों का इस्तेमाल कर के चलते हैं। इन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे हजारों सालों के इवोल्यूशन का इनके ऊपर कोई असर नहीं पड़ा है। शुरुआती वक्त में तुर्की के वैज्ञानिकों ने इसे बैकवर्ड इवोल्यूशन (Backward Evolution) यानी पीछे जाते हुए इंसानी विकास का नाम दिया। मगर अब वैज्ञानिक इनके बारे में समझ गए है कि आखिर इनके जानवरों जैसे चलने के पीछे क्या वजह है।

    इस कारण हाथ-पैर का इस्तेमाल कर के चलता है परिवार

    आपको बता दें कि रेसिट (Resit) और हैटिस उलास (Hatice Ulas) का परिवार लंबे अरसे से दुनिया की नजरों से काफी दूर रहे और लोगों को उनके बारे में नहीं पता चला मगर साल 2005 में जब ब्रिटिश साइंटिस्ट ने एक तुर्की प्रोफेसर का अप्रकाशित पेपर देखा तो उनके होश उड़ गए। इस पेपर में वैज्ञानिक ने उलास परिवार (Ulas Family) के बारे में बात की थी जो ‘quadrupedal locomotion’ का सहारा लेकर चलता है।  इसका अर्थ है चार पैरों पर चलना जैसे कई जानवर चलते हैं।  तब उन्होंने दावा किया कि परिवार को यूनर टैन सिंड्रोम है जिसमें लोग पैर के साथ-साथ हाथों का इस्तेमाल कर के भी चलने लगते हैं।

    जेनेटिक समस्या

    बैकवर्ड इवोल्यूशन से शुरू हुई थ्योरी जब यहां तक आई तो वैज्ञानिकों की परिवार के बारे में जानने की रुचि और बढ़ी की आखिर एक पूरा का पूरा परिवार ऐसे क्यों चलता है? तब जाकर पता चला कि हाथ-पैर का इस्तेमाल कर के चलने वाले इस परिवार को जेनेटिक समस्या है। इन भाई-बहनों को कोजेनेटिल ब्रेन इमपेयरमेंट और सेरिबेलर एन्टाक्सिया (congenital brain impairment and cerebellar ataxia) की दिमागी समस्या है जिसमें दो पैरों पर संतुलन बना पाना बेहद मुश्किल होता है इसलिए ये हाथों का सहारा लेकर भी चलते हैं। इस दिमागी बीमारी के चलते वह पूरा परिवार कुछ इस तरह जानवरों जैसे चार पैरों पर चलते है।

    जानवरों के जैसे कई किलोमीटर चल लेता है एक भाई

    आपको जानकर हैरानी होगी कि रेसिट और हैटिस उलास दो पैरों पर ही चलते थे। लेकिन उनके 19 बच्चों में से 5 ऐसे निकले जो दो की जगह चार यानी हाथ और पैर का इस्तेमाल कर के जानवरों जैसे चलने लगे। अब 25 से 41 साल तक के हो चुके ये भाई-बहन दुनिया के सामने आ चुके हैं। बता दें कि इसके पहले इन्हें काफी बेइज्जती का सामना करना पड़ा था।

     

    गांव वाले करते थे ऐसा बर्ताव

    गांव वालों ने उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव किया है। जी हां गांव वाले उन्हें पत्थर मारते थे और गालिया देते थे इस वजह से भाई-बहन कभी स्कूल ही नहीं गए और अपने घर के इर्द-गिर्द ही घूमते थे। हालांकि उन्होंने इतनी कुर्दिश भाषा सीख ली कि उनका काम चल जाता था। इनमें से एक भाई हुसैन तो इस तरह कई किलोमीटर तक चल लेता है। एक छठा भाई भी हाथ-पैर का इस्तेमाल कर के चलता था मगर 5 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई।