मातम में बदली खुशियां: हनीमून पर गया था कपल, तभी जमीन में दफन 1916 का बम हुआ ब्लास्ट

    लंदन. ब्रिटेन का एक कपल (British Couple) हनीमून (Honeymoon) के लिए यूक्रेन गया था। खूबसूरत वादियों से जिंदगी की नई शुरुआत करने गए इस कपल के साथ लड़की का भाई और कुछ दोस्त भी थे। सभी रात के वक्त आग जलाकर अपनी जिंदगी के हसीन लम्हों को यादगार बनाना चाहते थे। तभी एक जोरदार धमाक हुआ। खुशियां मातम में बदल गई। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये धमाका फर्स्ट वर्ल्ड वॉर (First World War) के समय दफन किए गए बम की की वजह से हुआ।  

    पहाड़ियों पर ली थी पन्हा 

    ‘डेली मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बर्कशायर के ब्रैक्नेल में रहने वालीं लिडिया मकारचुक (Lidiia Makarchuk) अपने पति नॉर्बर्ट वर्गा (Norbert Varga) के साथ पिछले महीने हनीमून पर यूक्रेन (Ukraine) गईं थीं। उन्होंने हंगरी की सीमा के नजदीक कार्पेथियन पहाड़ियों पर ठहरे थे। रात के समय सभी आग जलाकर बातें कर रहे थे। लिडिया बता रही थीं कि कैसे नॉर्बर्ट ने उनके जूतों की तारीफ की और दोनों एक-दूसरे के करीब आते चले गए। 

    Wife, 31, injured as brother and friend on death on honeymoon in  bloodstream in World War I bomb in Ukraine - Xnewsnet

    पत्नी को आई गंभीर चोटें 

    पति नॉर्बर्ट वर्गा बातचीत के बीच अपना कैमरा लेने टेंट की ओर गए थे, जैसे ही वो वापस आने के लिए मुड़े तभी एक जोरदार धमाका हुआ। घायल हालत में वो तुरंत अपनी पत्नी लिडिया मकारचुक के पास पहुंचे, जो बुरी तरह घायल थी।  जबकि उनके हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। लिडिया के भाई और एक दोस्त की इस हादसे में मौत हो गई। बम धमाके ने उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया।

    मदद पहुंचने में लगा एक घंटे से ज्यादा का समय 

    लिडिया ने कहा, हादसे के बाद सहायता पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया। ‘सबकुछ बहुत अच्छा चल रहा था। तभी एक जोरदार धमाका हुआ। कुछ नुकीली चीजें उड़कर मेरे चेहरे पर लगीं, मुझे सुनाई देने बंद हो गया था। मैं दर्द से चीख रही थी। जब धुआं हटा तो मैंने देखा कि केवल मैं ही नहीं बाकी लोगों का भी यही हाल था। मुझे बाद में बताया गया कि मेरा भाई अब इस दुनिया में नहीं है। 

    1916 में दफ़न बम हुआ ब्लास्ट 

    जानकारी है कि धमाका प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जमीन में दफन किये गए एक बम में विस्फोट की वजह से हुआ है। कपल ने जो आग जलाई थी, उसकी गर्मी के कारण बम में फट गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये बम ब्रुसिलोव आक्रमण के समय से आया था, जो रूसियों द्वारा 1916 में ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ चलाए गए एक खूनी अभियान का हिस्सा था।