Uttarkashi Tunnel, Silkyara tunnel
उत्तरकाशी सुरंग बचाव

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नई दिल्ली/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में टनल में फंसे मजदूरों को निकालने की लगातार कोशिशें आखिरकार रंग ला चुकी है। जी हां, अब से कुछ देर पहले रेस्क्यू टीमों ने सकुशल सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला लिया है।  गौरतलब है कि इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही मजदूरों को बाहर निकाला जा सकता है, जो अब पूरा हो चूका है। 

रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता के बाद मजदूरों के परिजनों, रेस्क्यू टीम और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। फिलहाल एक – एक कर के मजदूरों को बाहर निकाला जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक सभी 41 मजदूर सकुशल निकाले गए हैं। उनसे सीएम धामी और जनरल वीके सिंह ने बात की

इस रेस्क्यू मिस्शन के संपन्न होने से पहले, उत्तरकांड के CM पुष्कर सिंह धामी ने ‘X’पर जानकारी दी कि, “बाबा बौख नाग जी की असीम कृपा, करोड़ों देशवासियों की प्रार्थना एवं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सभी बचाव दलों के अथक परिश्रम के फलस्वरूप श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए टनल में पाइप डालने का कार्य पूरा हो चुका है। शीघ्र ही सभी श्रमिक भाइयों को बाहर निकाल लिया जाएगा।”

पहले से ही थी सारी तैयारी 

जानकारी दें की आज इसके पहले रेस्क्यू टीमों ने मजदूरों के परिजनों से उनके कपड़े और बैग तैयार रखने को कहा था। वहीं अब मजदूरों को निकालने के बाद उन्हें सीधा हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। दरअसल श्रमिकों के बाहर आते ही उन्हें चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने के लिए घटनास्थल से 30 किलोमीटर दूर चिन्यालीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 41 बिस्तरों का अस्पताल तैयार किया जा चूका है, जहाँ उन्हें ले जाया गया है।

हालांकि बचाव अभियान को देखते हुए सुरंग के अंदर अस्थायी चिकित्सा सुविधा का विस्तार किया गया। फंसे हुए मजदूरों को निकालने के बाद यहां स्वास्थ्य प्रशिक्षण हुआ। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 8 बेड की व्यवस्था की गई और डॉक्टरों व विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई।

मशीनें फेल, इंसानों के सहारे पूरा हुआ रेस्क्यू मिशन

यह भी बताते चलें की सभी 41 मजदूर सुरंग में करीब 60 मीटर की दूरी पर ही फंसे हुए थे। वहीँ ऑगर मशीन ने 48 मीटर तक ड्रिलिंग की थी। इसके बाद मशीन सुरंग में फंस गई थी। बाद में इसे काटकर बाहर निकाला गया। इसके बाद रैट माइनर्स ने मैन्युअल ही खुदाई शुरू की। बीते सोमवार से शुरू हुई इस मैन्युअल खुदाई ने आखिरकार इस जिंदगी की जंग में निर्णायक साबित हुआ ।  

इसके पहले रेस्क्यू से जुड़े एक अधिकारी ने बताया था कि खुदाई पूरी हो गई है। NDRF की टीम पाइप के जरिए मजदूरों के पास जा रही है। वहीं टीम पाइप के जरिए एक एक कर मजदूरों को पाइप के जरिए बाहर निकालेगी।

जानकारी दें की उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिलक्यारा सुरंग केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चारधाम ‘ऑल वेदर सड़क’ (हर मौसम में आवाजाही के लिए खुली रहने वाली सड़क) परियोजना का हिस्सा है। ब्रह्मखाल-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही यह सुरंग 4।5 किलोमीटर लंबी है। बीते 12 नवंबर को सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था। इससे मजदूर सुरंग के अंदर ही फंस गए थे। इन्हें निकलने के लिए 16 दिन से रेस्क्यू अभियान जारी था। जो आज इन सभी को सकुशल निकालकर सफल हुआ।