समझना होगा पवार का पावर, जज का तबादला माने देशमुख के छूटने की तैयारी

    मुंबई का जो जज महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री व एनसीपी नेता अनिल देशमुख का केस हैंडल कर रहा था, उसका तबादला यवतमाल कर दिया गया. यह स्पष्ट तौर पर इस बात का संकेत है कि पवार एक बार जो भी ठान लेते हैं वह हर हालत में करके रहते हैं. उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए डंके की चोट पर कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने सरकारी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया है. 

    पवार ने सख्त शब्दों में कहा कि प्रतिशोध की भावना से अनिल देशमुख को जेल में डालने की हर दिन और हर घंटे की कीमत आज नहीं तो कल जरूर वसूल की जाएगी. एक-एक बात का हिसाब लिया जाएगा. इसका मतलब यह है कि आघाड़ी सरकार को सरे आम और मार्ग दर्शन के संपर्क पवार दो-दो हाथ करने को तैयार हैं. वे जानते हैं कि कहां-कहां फील्डिंग लगानी है. 

    जज का तबादला देशमुख के छूटने की तैयारी माना जा सकता है. पवार के पॉवर से केंद्र की मोदी सरकार भी अनभिज्ञ की है. पवार ने साफ तौर पर कहा कि अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली पर आरोप लगाने वाले पुलिस अधिकारी का कोई अता-पता नहीं है. इस मामले में बगैर किसी पुख्ता सबूत के देशमुख को अरेस्ट किया गया यह पूरी तरह सत्ता का दुरूपयोग है. 

    कुछ नेता सत्ता के हाथ से चले जाने के बाद बीमार हो जाते हैं. महाराष्ट्र के बीजेपी नेता ही आघाड़ी सरकार के मंत्रियों के खिलाफ जांच कराने के लिए मोदी सरकार को लिस्ट भेज रहे हैं. जब राजनीति के पुराने और माहिर खिलाड़ी पवार बदले की बात कह रहे हैं तो बीजेपी नेताओं में खलबली मचना स्वाभाविक है.