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    धामणगांव रेलवे.मध्यवस्ती से जाने वाले रिध्दपुर‌से यवतमाल के लिए बनाए जा रहे मार्ग के निर्माण कार्य‌में रुकावट बने इमारत को हटाये जाने के लिये लोनिवि व्दारा पोकलैड व जेसीबी के माध्यम से कार्रवाई करते हुए उस इमारत को गिराकर‌जमीन दोज कर दिया गया, जिसमे इमारत के मालीक के साथ ही वहां मौजुद लोगों का प्रशासन के खिलाफ गुस्सा व विरोध के चलते अधिकारियों को अच्छी खासी मशक्कत करनी पडी. रिध्दपुर से यवतमाल को जोड़कर सीधे भोपाल से हैदराबाद से जोड़ने वाले राज्य महामार्ग क्रमांक 300 इस महामार्ग का निर्माण कार्य विगत ढाई वर्षों से धीमी गती से चल रहा है.

    जो कि अब निर्माण कार्य आखरी टप्पे में है, जिसे पुरा करने के लिए इसी महामार्ग के अंजनसिंगी में रोड के चौड़ाई करण के समय बीच में आने वाले कुछ छोटे बड़े मकान व इमारतें निर्माण कार्य में रोड़ा व रुकावट बन रहे थे, जिस के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ था. उस में एक इमारत अंजनसिंगी निवासी राजेंद्र हिवसे की थी जिस को हटाने के लिए प्रशासन काफी समय से प्रयत्नशील थे, जिसके कारण लगभग एक वर्ष से ज्यादा समय से निर्माण कार्य‌रुका हुआ था, लेकिन‌इस संबंध में राजेंद्र हिवसे का कहना‌था कि यह इमारत सरकारी जगह पर नहीं बल्कि मेरे स्वयं की जगह पर बनी हुई है.

    प्रशासन व्दारा इस पर बारीकी से जांच पड़ताल के बाद लोनिवि के कार्यकारी अभियंता एस सोनेवाल के मार्गदर्शन में उपविभागीय अभियंता नरेंद्र वानखडे के नेतृत्व में यह कारवाई करते हुये उस महामार्ग के निर्माण कार्य मे रुकावट बनी इमारत को बुलडोझर से गिराकर अतिक्रमण साफ किया गया .इस कारवाई को देखते हुए दुसरे छोटे अतिक्रमण स्वयं ही लोगों ने हटा लिए निर्माण कार्य में रुकावट करने वालों को जगह का उसके व्हेलुशन के हिसाब से जगह का मोबदला निर्माण विभाग के नियमानुसार पहले ही दिया जा चुका है, प्रशासन का यह कहना है. कारवाई के समय कनिष्ठ अभियंता हेड़ाऊ,चंद्रकांत सातव, मानकर देशमुख, इसी के साथ कुर्हा के थानेदार संदीप बिरांजे, पुलिस उपनिरीक्षक सपकाल, बिट जमादार अनील निघोट, सतीश ठवकर उपस्थित थे.

    गांवों का होगा विकास

    भोपाल से हैद्राबाद के दौरान यातायात के लिये यह राज्य महामार्ग सबसे नजदीक व सहुलत वाला मार्ग होंगा.इस मार्ग पर यवतमाल, बाभुलगांव देवगांव,धामणगाव रेल्वे, अंजनसिंगी,कुर्हा,तिवसा,रिध्दपुर,वरुड से आगे मध्यप्रदेश राज्य लगता है.इस मार्ग से लगे उन सभी गांवों का विकास होना तय है. दिसंबर 22 तक इस राज्य महामार्ग को यातायात के लिए लोकार्पित होने की आशा है.