Drinking water scheme is just a show, MNS seeks reply from CM

    औरंगाबाद. राज्य सरकार (State Government) की मदद से औरंगाबाद महानगरपालिका (Aurangabad Municipal Corporation) और जलप्राधिकरण विभाग (Water Authority Department) द्वारा शहर की पेयजल समस्या हल करने के लिए हाथ में ली गई 1680 करोड़ की पेयजल योजना (Drinking Water Scheme) सिर्फ एक दिखावा है। योजना के लिए किए गए करार पर जलप्राधिकरण के एक भीअधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है।इस योजना काआगामी 10 साल तक पूरा होना असंभव है।

    ऐसे में शुक्रवार को औरंगाबाद दौरे पर आ रहे राज्य के मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे इस  योजना के बारे में जवाब दे। यह मांग सीएम के दौरे के दरमियान मनसे स्टाईल मेंआंदोलन कर किया जाएगा। यह जानकारी मनसे के जिला प्रमुख सुहास दाशरथे ने आयोजित प्रेस वार्ता में दी।सुहास ने बताया कि बीते 30 सालों से महानगरपालिका पर शिवसेना की सत्ता है।30  सालों में अपने विफलताओं को छुपाने  और आगामी महानगरपालिका चुनाव को सामने रखकर नई पेयजल  योजना का दिखावा किया जा रहा है।दाशरथे ने बताया कि इस योजना के लिए जलसंपदा, रास्ते विकास महामंडल, पर्यावरण विभाग से परमिशन ही नहीं ली गई। फिर  यह योजना पूरी कैसी होगी? यह  सवाल दाशरथे ने किया।

    विकास कहकर ढोल बजा रहे है

    बीते 20 सालों से अधिक समय से औरंगाबाद वासी हर दिन पानी मिलने के आस में लगे हुए है। परंतु, शहरवासियों का यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। तीन विभागों के परमिशन न होने के बावजूद गली-कुचों में पाईप लाईन डालने का काम जारी है। दाशरथे ने आरोप लगाया कि ठाकरे सरकार शहर के नागरिकों के मुंह से पानी पोंछने का काम कर रही है।उसमें स्थानीय स्तर के सत्ताधारी स्मार्ट सिटी का विकास कहकर ढोल बजा रहे है। लेकिन, औरंगाबाद शहर की जनता अब शिवसेना के झांसे में नहीं आएगी। यह विश्वास दाशरथे ने जताया।

    उदघाटन के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई

    एक सवाल के जवाब में मनसे जिलाध्यक्ष ने कहा कि महानगरपालिका चुनाव को सामने रखकर सीएम ठाकरे ने योजना का उदघाटन किया। उदघाटन संपन्न होकर 9 माह से अधिक समय गुजर गया है। आज तक प्रशासन इस संबंध में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई। इसको लेकर दाशरथे ने ठाकरे सरकार पर  खूब राग अलापा। 

    महानगरपालिका अपने हिस्से की रकम कहां से लाएगी ?

    नई पेयजल योजना के लिए महानगरपालिका को योजना की कुल राशि में 30 प्रतिशत हिस्से अदा करना है।  यह रकम 504 करोड़ केकरीब है। वर्तमान में महानगरपालिका की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। ऐसे में महानगरपालिका अपने हिस्से की 504 करोड़  रुपए की राशि कहां से अदा करेंगी? यह सवाल दाशरथे ने उपस्थित कर शिवसेना को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1992 के बाद से आज तक शहर की पेयजल समस्या हल करने के लिए एक भी पाईप लाईन नहीं डाला गया। इससे पूर्व समानांतर जलआपूर्ति योजना लाई गई, उसमें भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर उस योजना को लपेट लिया गया। अब तक शहर को 14 महापौर देने की बात बड़े अभिमान से कहने वाली शिवसेना पहले शहर के नागरिकों को हर दिन पानी कब मिलेंगा,इसका  जवाब दे।

    काम कब तक पूरा किया जाएगा

    शुक्रवार को औरंगाबाद दौरे पर आ रहे सीएम उध्दव ठाकरे भी  योजना के बारे में जवाब दे यह मांग मनसे पदाधिकारियों ने की। अंत में दाशरथे ने बताया नई पेयजल योजना का काम कब तक पूरा किया जाएगा? इसका जवाब मांगने के लिए मनसे की ओर से शुक्रवार को सीएम के दौरे के दरमियान आंदोलन किया जाएगा। पत्रकार परिषद में राज्य उपाध्यक्ष सुमित खांबेकर, संदिप कुलकर्णी, आशिष सुरडकर, अशोक पवार उपस्थित थे।