प्रतिकात्मक फोटो
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    औरंगाबाद. आधुनिकता के इस युग में शहरों को सभी सुविधाओं से विकसित करने के लिए केन्द्र की मोदी सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजना (Smart City Project) शुरु की थी। इस परियोजना के लिए देश भर के बड़े शहरों को चयन कर उन्हें स्मार्ट सिटी में विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इस परियोजना में शहरों का विकास (Development) न होने पर केन्द्र सरकार ने स्मार्ट सिटी परियाजना को बंद करने का निर्णय लिया है। यह संकेत स्मार्ट सिटी मिशन के सहसचिव कुणाल कुमार ने राज्य के स्मार्ट सिटी मिशन के सीईओ के साथ ऑनलाइन बैठक में दिए। कृणाल कुमार के संकेत के बाद मोदी सरकार द्वारा बडी चर्चा कर शुरु हो गई है कि स्मार्ट सिटी परियोजना नाकाम साबित होने के कगार पर है। 

    गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजना में महाराष्ट्र के 10 शहरों को शामिल कर उन्हें विकसित करने के लिए करोड़ों रुपए का निधि भी उपलब्ध कराया था। इस परियोजना में महाराष्ट्र के औरंगाबाद सहित पुणे, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, नागपुर, अमरावती, सोलापुर, नाशिक, नवी मुंबई यह 10 शहर शामिल थे। पहले इस परियोजना में शहर के बाहर सभी सुविधाओं से लैस स्मार्ट सिटी बनाने का निर्णय लिया गया था। इस पर काम करने औरंगाबाद मनपा सहित राज्य के अन्य महानगर पालिकाओं को कई दिक्कतें आने पर इसमें कई बदलाव कर शहर में ही इस परियोजना के तहत विकास कार्य शुरु किए गए। 

    परियोजना के कई काम प्रलंबित 

    स्मार्ट सिटी मिशन के सहसचिव कुणाल कुमार ने राज्य के स्मार्ट सिटी मिशन के सीईओ के साथ ली बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना में कितने काम पूरे हुए, कितने काम प्रलंबित है। कितने प्रकल्पों को वर्कऑर्डर दी गई, कितने कामों की निविदा हुई इसकी जानकारी ली। उसके बाद कृणाल कुमार ने राज्य के स्मार्ट सिटी परियोजना के सभी सीईओ को बताया कि इस योजना को प्रतिसाद न मिलने के कारण केन्द्र सरकार ने उसे बंद करने का तय किए जाने के संकेत दिए हैं। मार्च 2022 के बाद इस योजना के लिए निधि नहीं उपलब्ध कराया जाएगा।  बैठक में औरंगाबाद स्मार्ट सिटी के सीईओ आस्तिक कुमार पांडेय भी उपस्थित थे।