Chabad House
File Photo: PTI

Loading

मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजधानी मुंबई (Mumbai) के कोलाबा में स्थित चबाड हाउस (Chabad House) (26/11 आतंकवादी हमले के लक्ष्यों में से एक) की शनिवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दरअसल, राजस्थान में हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार दो संदिग्ध आतंकियों के पास से चबाड हाउस की गूगल फोटो बरामद की गई है। मुंबई पुलिस ने यह जानकारी दी है।

मुंबई पुलिस ने बताया, “राजस्थान में हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों के पास से चबाड हाउस की गूगल फोटो बरामद होने के बाद मुंबई पुलिस ने कोलाबा में चबाड हाउस (26/11 आतंकवादी हमले के लक्ष्यों में से एक) के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है।”

गौरतलब है कि महाराष्ट्र एटीएस ने कुछ दिन पहले मोहम्मद इमरान मोहम्मद यूनुस खान और मोहम्मद यूनुस मोहम्मद याकूब साकी को पुणे से गिरफ्तार किया था और मामले की जांच कर रही थी। उसी जांच के दौरान पुलिस को उनके पास से चबाड हाउस की गूगल फोटो मिली थी, जिससे चिंताएं बढ़ गईं।

महाराष्ट्र एटीएस सूत्रों ने पुष्टि की है कि मुंबई पुलिस कमिश्नरेट और डीजी कार्यालय को स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। पुलिस ने चबाड हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में पुणे पुलिस ने तीन बाइक चोरों को गिरफ्तार किया था लेकिन एक भागने में सफल रहा। आगे की जांच करने पर, यह पता चला कि गिरफ्तार किए गए ये लोग राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के आतंक से संबंधित एक मामले में शामिल थे। इन्हे पकड़ने के लिए 5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी।

महाराष्ट्र एटीएस ने जांच अपने हाथ में ले ली है और उनके परिसरों में आपत्तिजनक सबूत मिले, जिससे पता चलता है कि वे कथित तौर पर महाराष्ट्र में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहे थे।

एटीएस ने कोंढवा में तलाशी के दौरान लैपटॉप, टैब, ड्रोन, नक्शे, बैटरी सेल, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, सोल्डरिंग गन और विस्फोटक सामग्री होने के संदेह वाले काले पाउडर सहित कई सामान बरामद करने का दावा किया है।

एटीएस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं का हवाला देते हुए मोहम्मद इमरान मोहम्मद यूसुफ खान (23) और मोहम्मद यूनुस मोहम्मद याकूब साकी (24) को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ के आधार पर, गोंदिया से एक तीसरे आरोपी अब्दुल कादिर (40) को भी पहले गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को आश्रय प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

एटीएस ने दावा किया कि ये संदिग्ध “पिछले 15 महीनों से पुणे में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहे थे।”

एजेंसी वर्तमान में उनकी योजनाओं की बारीकियों की जांच कर रही है और वे उन्हें कब क्रियान्वित करने का इरादा रखते थे। शुक्रवार को एटीएस ने इस मामले में चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया, जो रत्नागिरी का रहने वाला है।