नाशिक में मतदाता सूची में हुई गड़बड़ी, 2 लाख 87 हजार नाम डबल

    नाशिक. महानगरपालिका चुनाव (Municipal Elections) से पहले नाशिक (Nashik) में मतदाता सूची (Voter List) में गड़बड़ी सामने आई है और 2 लाख 87 हजार नाम दो बार प्रकाशित हुए मिले हैं। शिवसेना ने इन नामों को रद्द करने की मांग की जा रही है। राज्य (State) में फरवरी (February) 2022 में 18 महानगरपालिका के चुनाव होने वाले है।

    इनमें मुंबई, ठाणे (Thane), उल्हासनगर (Ulhasnagar), भिवंडी-निजामपुर (Bhiwandi-Nizampur), पनवेल, मीरा-भायंदर, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, सोलापुर, नाशिक, मालेगांव, परभणी, नांदेड़-वाघाला, लातूर, अमरावती, अकोला, नागपुर और चंद्रपुर शामिल है। इस चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल कमर कस रहे है। हालांकि नाशिक में महानगरपालिका चुनाव की पूर्व संध्या पर मतदाता सूची में दोहरे नाम का मुद्दा उठाया जा रहा है।

    नाशिक पूर्व, नाशिक पश्चिम और नाशिक मध्य निर्वाचन क्षेत्रों की सूची में 200 नहीं बल्कि 2 लाख 87 हजार नाम मिलने से हड़कंप मच गया है। शिवसेना के दस सदस्यों की टीम ने इस गड़बड़ी का पर्दाफाश किया है। उन्होंने सचमुच तीन महीने में मतदाता सूची की जांच की। फिर नाशिक पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र में 1 लाख 22 हजार 242 मतदाताओं के नाम डबल मिले है। नाशिक पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में 88 हजार 932 और नाशिक मध्य निर्वाचन क्षेत्र में 76 हजार 319 मतदाताओं के नाम डबल है।

    शिवसेना ने भाजपा पर लगाया आरोप 

    शिवसेना ने भाजपा पर नाशिक पूर्व, नाशिक पश्चिम और नाशिक मध्य निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में दो बार मतदाताओं के नाम डालने का आरोप लगाया है। इन्हीं वोटरों के दम पर भाजपा ने शहर में तीन विधायकों को चुना। इन वोटरों की बदौलत 66 पार्षद भी चुने गए। शिवसेना के मेयर सुधाकर बडगुजर ने मांग की है कि इन फर्जी नामों को रद्द किया जाए।

    प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया 

    शिवसेना के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य चुनाव आयोग से नाशिक में तीन विधानसभा क्षेत्रों से फर्जी मतदाताओं को तत्काल हटाने की मांग की। उपायुक्त अविनाश सणस ने नामों को कम करने के लिए एक ज्ञापन दिया। इससे पहले शिवसेना ने जिला कलेक्टर सूरज मांढरे और पुलिस कमिश्नर दीपक पांडेय को ज्ञापन जारी कर फर्जी मतदाताओं के नाम कम करने की मांग की थी।