Photo Credit- @JodhpurBeds
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    राजस्थान: राजस्थान अपने संस्कृति, आभूषण, और ऐतिहासिक जगह के लिए जाना जाता है। देश-विदेश से पर्यटक यहां त्योहारों का आनंद लेने, ऐतिहासिक जगह को देखने और घूमने के लिए जाते हैं। जैसलमेर राजस्थान का एक बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है और वहां घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। थार रेगिस्तान में सुनहरे टीलों के कारण ये गोल्डन सिटी के नाम से भी जाना जाता है, लेकिन आज हम आपको राजस्थान के ही एक ऐसे त्योहार के बारे में बताने जा रहे है। जिसे सुनकर आप अपने दांतों तले अंगुलियां दबा लेंगे। जी हां राजस्थान के जोधपुर शहर में एक अजीबो-गरीब त्योहार मनाया जाता है। जिसमें महिलाएं विचित्र कपड़े पहनकर पुरुषों को डंडों से पीटती हैं।

    दरअसल, राजस्थान के जोधपुर में धींगा गवर नाम का एक त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार में एक खास तरह के मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें महिलाएं खास तरह के कपड़े पहनती हैं और पुरुषों को डंडे से पीटती हैं धींगा गवर माता पार्वती जी का ही दूसरा नाम है। जिसमें महिलाएं 16 दिन का व्रत करती है। धींगा गवर मेला का आयोजन गवर माता के पूजा के 16वें दिन किया जाता है। महिलाएं अपनी बाहों पर 16 गांठों वाला पवित्र धागा बांधती है और अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा के आखिरी दिन यानि 16वें दिन उसे गवर माता के बाहों में बांध देती है।  

    इसमें लड़कियां अलग-अलग तरह के कपड़ें पहनती है। जिसमें डकैत, चोर और साधू के वेशभूषा शामिल है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें सिर्फ और सिर्फ महिलाओं का राज होता है। महिलाएं इस मेले में रातभर हाथ में छड़ी लेकर घूमती है। इस दौरान जो भी पुरुष उनके सामने पड़ते हैं। वो उन्हें छड़ी से मारते हुए आगे बढ़ती हैं। छड़ी से मरने की ऐसी मान्यता है कि जिन पुरुषों की शादी नहीं हुई होती है। उनकी शादी जल्दी हो जाती है और जिनकी शादी हो चुकी होती है। उनका वैवाहिक जीवन सफल हो जाता हैं। इस छड़ी से मार खाना आशीर्वाद के बराबर माना जाता है।