महिला मुक्केबाज सर्बिया में सत्र की अपनी पहली प्रतियोगिता के लिये तैयार
दिल्ली. भारतीय महिला मुक्केबाज पांच दिन बाद सर्बिया में सत्र की अपनी पहली प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने के लिये यहां चल रहे राष्ट्रीय शिविर में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं. पुरुष टीम के लंबे समय से कोच रहे गुरबख्श सिंह संधू की अगुवाई में 16 कोचों की टीम इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 70 मुक्केबाजों को प्रशिक्षण दे रहे हैं. पिछले साल सितंबर में भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के जिम्मेदारी संभालने के बाद कोचिंग स्टाफ में बदलाव किया गया है. सर्बिया में टूर्नामेंट नौ जनवरी से शुरु होगा और उसके लिये केवल राष्ट्रीय चैंपियनशिप के विजेता मुक्केबाजों को ही चुना गया है.  पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता निखत जरीन ने कहा कि शिविर में भाग लेने का अब तक का अनुभव शानदार रहा. अब शारीरिक मजबूती पर भी काफी ध्यान दिया जा हरा है तथा लगातार इस पर निगरानी रखी जा रही है कि हम क्या गलत और क्या सही कर रहे हैं. संधू पिछले दो दशकों से पुरुष मुक्केबाजों को कोचिंग दे रहे हैं. इसके बाद उन्हें महिला शिविर की जिम्मेदारी सौंपी गयी जिसमें सात पुरुष और आठ महिला कोच उनके साथ में हैं. द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता संधू पहली बार महिलाओं को कोचिंग दे रहे हैं और उन्होंने कहा कि इस बदलाव से वह अच्छी तरह सामंजस्य बिठा चुके हैं. उन्होंने कहा कि मैं मजबूत प्रणाली तैयार करने पर ध्यान दे रहा हूं. सर्बिया में होने वाली चैंपियनशिप के लिये भारतीय टीम का चयन कर लिया गया है.
टीम :  सरजूबाला देवी (48 किग्रा), वाई संध्यारानी (54 किग्रा), सोनिया (57 किग्रा), प्रियंका चौधरी (60 किग्रा), सिमरनजीत कौर (64 किग्रा), कविता गोयट (75 किग्रा), स्वीटी बूरा (81 किग्रा) और सीमा पूनिया (82 किग्रा).