नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा के बेहतरीन ऐक्टर में शुमार ओम पुरी का शुक्रवार सुबह कार्डिएक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। ओम पुरी ने बॉलिवुड में कमर्शल और समानान्तर सिनेमा के अलावा कई देशों की फिल्मों में काम किया था। अक्सर गंभीर सिनेमा में दिखाई देने वाले ओम पुरी ने अपने करियर में कई कॉमिडी रोल भी किए जिनके लिए उन्हें खासी सराहना भी मिली। लेकिन हर तरह की ऐक्टिंग में लोहा मनवा चुके ओम पुरी ऐक्टर नहीं बल्कि फौजी बनना चाहते थे।
 
हाल ही में एक बातचीत में ओम पुरी ने कहा, 'मैं पिछले 40 साल से इंडस्ट्री में काम कर रहा हूं लेकिन 'खान' नहीं बन पाया।' हालांकि बाद में उन्होंने कहा, 'मैं यह बात मजाक में कह रहा था। सभी खान मेरे दोस्त हैं और सलमान के साथ तो अभी-अभी 'ट्यूबलाइट' की शूटिंग पूरी की है।'
 
एक इंटरव्यू में ओम पुरी ने कहा था, 'मेरे पिता रेलवे में आने से पहले फौज में थे। रेल भी मेरे दिल के काफी करीब रही है लेकिन वास्तव में, मैं एक फौजी बनना चाहता था।' हालांकि, अभी कुछ महीने पहले ही ओम पुरी फौज के एक शहीद जवान के ऊपर कॉमेंट करने के बाद ही विवादों में घिर गए थे। एक टीवी चैनल की लाइव डिबेट में ओम पुरी ने कहा, 'उनसे (शहीद फौजी) से किसने कहा था कि सेना में भर्ती हों और हथियार उठाएं।' इस कॉमेंट के बाद सोशल मीडिया में भी लोगों ने ओम पुरी की आलोचना की थी। हालांकि बाद में ओम पुरी ने अपने कॉमेंट के लिए माफी मांगी थी और उन्होंने शहीद के परिवार से मिलकर माफी भी मांगी थी।
 
पद्मश्री से पुरस्कृत ओम पुरी सीरियस सिनेमा के अलावा कमर्शल सिनेमा के भी शौकीन थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'मैंने इतनी सीरियस फिल्में की हैं कि मेरे जाने के बाद भी आरकाइव में देखने और सीखने के लिए 50-60 फिल्में होंगी। मुझे अखरता है कि अब उस तरह के किरदार नहीं आते लेकिन मैं लोगों को हंसाकर भी खुश हूं। आर्ट सिनेमा से मुझे पहचान मिली और पूरी दुनिया घूमा। हर बड़े फेस्टिवल में मेरी फिल्में जाती थीं। मैं दोनों सिनेमा का ऋणी हूं। मेरी इच्छा है कि मैं और अच्छी कमर्शल फिल्में करूं।'