88 साल का हुआ जासूस 'टिनटिन'
दिल्ली. अपने साहसिक कारनामों के किस्सों में कई पीढ़ियों को मनोरंजक ढंग से भूगोल की व्यापक जानकारी देने वाला काल्पनिक जासूस टिनटिन आज 88 साल का हो गया है. वह कॉमिक श्रृंखला में सबसे पहले अपने विश्वसनीय दोस्त स्नोवी के साथ आया था. एक ऐसे समय पर जब टीवी नहीं हुआ करता था, तब एक रिपोर्टर-जासूस टिनटिन की विदेश यात्राएं युवाओं को ऐसे अलग-अलग देशों, संस्कृतियों, भूदृश्यों और प्राकृतिक सिद्धांतों के बारे में बताती थीं, जिनके बारे में उन्होंने कभी सुना भी नहीं होता था. टिनटिन की सहारा की मरूभूमि से लेकर हिमालय के हिमखंडों तक और अमेजन के वर्षावनों से लेकर स्कॉटलैंड के पहाड़ों तक की तस्वीरें अचरज, खतरे और रोमांच से भरी दुनिया की झलक पेश करती हैं. बेल्जियम के जाने-माने कार्टूनिस्ट जॉर्जेज रेमी उर्फ हर्ज द्वारा रचित टिनटिन पहली बार 10 जनवरी 1929 को ला पेटिट विंजटाइम नामक कॉमिक श्रृंखला में आया था. साल 1930 में श्वेत-श्याम रूप में आया उसका पहला साहसिक कारनामा ‘द एडवेंचर्स ऑफ टिनटिन इन द लैंड ऑफ द सोवियत्स’ कल पहली बार रंगीन रूप में प्रकाशित किया गया. हर्ज ने एक बार कहा था कि टिनटिन मैं ही हूं, जो एक नायक और उत्कृष्ट व्यक्ति बनना चाहता है. टिनटिन मैं ही हूं. .मेरी आंखें, मेरी भावनाएं, मेरे फेफड़े, मेरा पेट. मेरा मानना है कि सिर्फ मैं ही उसे एनीमेशन की शक्ल दे सकता हूं, सिर्फ मैं ही उसे एक आत्मा दे सकता हूं. साल 1929 के बाद से अब तक टिनटिन की 25 करोड़ प्रतियां बिक चुकी हैं. टिनटिन के कारनामों का 70 ये ज्यादा भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है और इसपर फिल्में भी बनाई जा चुकी हैं. यह कलाकारों, लेखकों, निर्माताओं और निर्देशकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.