आगुत ने मेदवेदेव को हराकर चेन्नई ओपन खिताब जीता
चेन्नई. रोबर्टो बितिस्ता आगुत ने आज यहां चेन्नई ओपन के फाइनल में रुस के युवा डेनिल मेदवेदेव को सीधे सेटों में 6-3, 6-4 से हराकर अपने करियर का पांचवां पुरुष एकल खिताब जीता जबकि रुस के खिलाड़ी को एटीपी विश्व टूर पर पहले एकल खिताब से वंचित कर दिया. आगुत ने पूरे मैच के दौरान दबदबा बनाए रखा और बेसलाइन पर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि मेदवेदेव को अपने से बेहतर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ गलतियों को खामियाजा भुगतना पड़ा. मेदवेदेव को अपनी सर्विस को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा जबकि इसके विपरीत स्पेन के आगुत को अपनी सर्विस पर कोई दिक्कत नहीं हुई और उन्होंने एक घंटे और 11 मिनट में मुकाबला अपने नाम किया. आगुत ने मैच के दौरान अपनी सर्विस पर सिर्फ आठ अंक गंवाए. रुस के खिलाड़ी ने आगुत को लंबी रैली में उलझाने की कोशिश की लेकिन स्पेन का खिलाड़ी अधिकांश मौके पर इन्हें अंक में बदलने में सफल रहा.अपने पहले एटीपी विश्व टूर खिताबी मुकाबले में खेल रहे मेदवेदेव ने हालांकि प्रभावित किया और इस प्रदर्शन की बदौलत उनकी मौजूदा 99वीं रैंकिंग में अच्छा सुधार होने की उम्मीद है. आगुत चेन्नई ओपन में दूसरी बार फाइनल में खेल रहे थे. वह 2013 में यांको टिपसरेविच के खिलाफ शिकस्त के बाद उप विजेता रहे थे. मेदवेदेव ने अच्छी शुरुआत करते हुए अपनी पहली सर्विस पर गेम जीता लेकिन अगली सर्विस गंवा दी. आगुत ने इसके बाद अपनी सर्विस बचाते हुए स्कोर 4-1 किया. इसके बाद किसी की सर्विस नहीं टूटी और आगुत ने नौवें गेम में सर्विस बचाते हुए सेट जीत लिया. मेदवेदेव ने दूसरे सेट में बहतर प्रदर्शन किया लेनिक इसके बावजूद आगुत की सर्विस पर दबाव नहीं बना सके. मेदवेदेव ने सातवें गेम में दायें पैर की मांसपेशियों में परेशानी के बाद मेडिकल टाइमआउट लिया. मेदवेदेव ने 4-4 के स्कोर पर अपनी सर्विस गंवाई और फिर आगुत ने अपनी सर्विस बचाते हुए सेट, मैच और खिताब अपने नाम किया.