MP: पंचायत से गुहार लगाई है बदलने की गुहार

भोपाल. बैन के बाद मध्य प्रदेश के देवास जिले में सीताराम नाम के एक दृष्टिहीन भिखारी ने पंचायत से गुहार लगाई है कि उसके पास 98 हजार रुपये जमा हैं, जिसे छोटे नोटों में बदल दिया जाए। इस शख्स का कहना है कि उसने यह पैसा पिछले 20 सालों में जमा किया है। सीताराम ने पंचायत अफसरों से कहा 'यह मेरे जीवन भर की कमाई है। अब मुझसे कहा जा रहा है कि यह कचरा है।' ग्राम पंचायत के सचिव ऐजाज पटेल ने बताया कि सीताराम ने यह पैसा सिया के सड़कों पर भीख मांग कर बीते 20 सालों में जमा किया है। सीताराम खुद इस पैसे को सुरक्षित नहीं रख सकता था इसलिए उसने यह पैसा अपने जानने वालों को दे दिया था, लेकिन देश में 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद उसके परिचितों ने यह पैसा वापस लौटा दिया है। पटेल ने बताया कि सीताराम दो दशक पहले अपनी पत्नी के साथ राजस्थान से यहां आया था। दृष्टिहीन होने की वजह से सीताराम को कोई नौकरी नहीं मिली और उसने भीख मांगनी शुरू कर दी। पटेल ने बताया 'सीताराम के पास बैंक अकाउंट नहीं है। हम कोशिश कर रहे हैं कि बैंक अधिकारियों से बात कर सीताराम का अकाउंट खुलवाने में मदद करें।